बीते एक महीने से इंडियन मार्केट में जारी गिरावट अब थम गई है। सेंसेक्स दो दिन में 841 अंक और निफ्टी 251 अंक चढ़ा है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स इस तेजी को टिकाऊ नहीं मान रहे हैं, क्योंकि अगले हफ्ते अमेरिका में फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अहम बैठक है। साथ ही एफआईआई की बिकवाली अभी भी जारी है। ऐसे में इन्वेस्टर्स को स्मॉलकैप में इन्वेस्ट करने के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए, क्योंकि मार्केट स्टेबल होने पर ही मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीददारी लौटती है।
दो दिन में सेंसेक्स और निफ्टी तीन फीसदी से ज्यादा चढ़े
- एक महीने से जारी गिरावट कुछ थमती नजर आ रही है। 10 अगस्त से 9 सितंबर के बीच सेंसेक्स में 2516 अंक यानी 8.91 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं इस दौरान निफ्टी 8600 के स्तर से लुढ़ककर 7818 के स्तर पर आ गया था। हालांकि दो दिन में टेक्निकल बाउंस बैक के चलते सेंसेक्स और निफ्टी 3 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए हैं। वहीं, बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 247.8 अंक यानी 2.35 फीसदी चढ़ा है।
- मार्केट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इंडियन मार्केट ओवरसोल्ड हो चुके थे। इसीलिए एक बाउंसबैक रैली की उम्मीद लगाई जा रही थी। हालांकि अभी बड़े ग्लोबल इवेंट खत्म नहीं हुए हैं, इसीलिए स्मॉलकैप की जगह दिग्गज स्टॉक्स पर दांव लगाना बेहतर होगा।
मार्केट की तेजी नहीं है टिकाऊ
- मार्केट एक्सपर्ट्स अंबरीश बालिगा कहते हैं कि दो दिन की तेजी को टिकाऊ मानना अभी जल्दबाजी होगा, क्योंकि देश में इकोनॉमिक ग्रोथ, इंफ्रा ग्रोथ, पॉलिसी एक्शन, अर्निंग ग्रोथ, मानसून को लेकर अभी भी चिंताएं हैं। फिलहाल एफआईआई भारत के इकोनॉमिक फैक्टर नहीं बल्कि ग्लोबल फैक्टर को देख रहे हैं। एफआईआई सारे बाजारों में बिकवाली कर रहे हैं। लेकिन अगर डीआईआई बिकवाली करें तो चिंता की बात है।
- जीईपीएल कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक निफ्टी सोमवार को 7559 के स्तर पर बंद हुआ था, जो 14 महीने का निचला स्तर था। हालांकि चार्ट्स पर निफ्टी ओवरसोल्ड हो चुका था, जिससे एक बाउंस बैक रैली की उम्मीद लगाई जा रही थी। इसीलिए निफ्टी ने तेजी दिखाई है। निफ्टी पर अब अगला रेजिस्टेंस 7830 का है। अगर निफ्टी इसके ऊपर क्लोजिंग देता है तो निफ्टी में फिर से 8000 के स्तर आ सकते हैं, अगर नहीं तो निफ्टी के फिर से 7600 के नीचे फिसलने की आशंका है।
एफआईआई की बिकवाली जारी
- मंगलवार के कारोबार में सेंसेक्स 424 अंक बढ़कर 25318 के स्तर पर बंद हुआ था, जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने कैश में 659.67 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। साथ ही 11 अगस्त के बाद 17 सत्र में से 14 सत्र में एफआईआई ने कुल मिलाकर बिकवाली की है और 11 अगस्त से अब तक बाजार में 3.29 अरब डॉलर की बिकवाली हो चुकी है। 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड की यील्ड 7.765 फीसदी तक पहुंच गई है।
अमेरिका में इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने पर संशय बरकरार
- अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की 16-17 सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक है, जिसमें ब्याज दरें बढ़ाने पर फैसला होगा। हालांकि ब्रोकरेज मानते हैं कि अगस्त के पहले हफ्ते में आए जॉब मार्केट के मिलेजुले डाटा के बाद संभव है कि फेडरल रिजर्व सितंबर में रेट्स में बढ़ोत्तरी की शुरुआत टाल सकता है। आरबीएस, बार्कलेज, डॉयचे बैंक और गोल्डमैन सैक्स सितंबर में रेट्स के स्थिर रहने का अनुमान लगा रहे हैं। बैंकों के मुताबिक फेडरल रिजर्व दरों में बढ़ोत्तरी को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा, खास तौर पर उस वक्त जब अर्थव्यवस्था के आंकड़े मिलेजुले आ रहे हों।
No comments:
Post a Comment